गुरुवार, 17 मार्च 2011

तस्वीरें बोलती हैं....



मोहब्बत
कब मरती है
जो मर जाते हैं
वह तो फ़क़त लोग होते हैं
जो इतिहास बन कर
वक़्त के माथे पर
नक्श हो जाए
उसी शय का नाम है मोहब्बत !!!






मध्य भारत का "मांडू"





बाज़ बहादुर, और रूपमती के प्रेम की कालजयी मिसाल





क्या यही है प्रेमियों का स्वर्ग.....!!!!






वो नक्श क्या हुआ जो मिटाए से मिट गया
वो दर्द क्या हुआ जो दबाये से दब गया ....



3 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत उम्दा...तस्वीरें देखकर आनन्द आया.

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  2. बहुत गहरी बात कह दी आपने ,यकीनन तस्वीरे देखी भी जा सकती हैं ,पढ़ी भी और सुनी भी ! इनकी अपनी जुबान एन हर्फों की तरह काम करती है !
    रानी रूपमती और बाजबहादुर की मुहब्बत की दास्तान कहती तस्वीरें देख कर जी खुश हुआ ! जिस्मों का ज़वाल तो तय है पर अहसास कब मरते हैं ! आपसे सहमत !

    बेहतरीन पोस्ट !

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  3. कम शब्दों में बहुत गहरी बात ...हाँ यह सच है तस्वीरें भी बोलती हैं ...आपका आभार

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शुक्रिया, साथ बना रहे …।