बुधवार, 19 नवंबर 2014

कौन कहता है अच्छे दोस्त नहीं होते....!!!!

 आज पूरे हो गए हैं है चार साल हमारी प्यारी दोस्ती को :

                    १९ नवम्बर २०१० को रमन जी से नेट पर हुई पहली मुलाक़ात।  और सुख दुःख की छुटपुट घटनाओ में एक  दूसरे का  दर्द बाँटते प्यारे -मीठे क्षण।  मैं  रमन जी  की आत्मीयता एवं स्नेह के लिए ईश्वर की आभारी हूँ:  




(रमन भगत : ग़रीबों  को वस्त्रदान करते हुए:
जीना इसी का नाम है…। )


शहज़ाद भाई, हौंसले के क़दमों पर खड़े मेरे दूसरे अज़ीज़ दोस्त. २० नवम्बर २०१० दिन के तीन बजे पहली बार नेट पर मिले,  मेरी प्रेरणा का स्त्रोत बने व अब मेरे आत्मीय जनों  में शामिल है। उनके जैसा प्यारा दोस्त पाकर मैं  ईश्वर को धन्यवाद देती हूँ: 



 (शहज़ाद भाई: किसी की मुस्कुराहटों पे' हो निसार)

हमारी दोस्ती क़ायम दाईम  रहे , आपके  जीवन आदर्श इसी तरह युवाओं के लिए प्रेरणा बनते रहें और आप तमाम बुलंदियों को छुएँ। 
                                     -अमीन 
                                        दोस्त लोरी।