बुधवार, 4 जून 2014

पर्यावरण दिवस मुबारक

landscapes nature trees night moon digital art 1920x1080 wallpaper



 
नहीं छेड़ते पंछी सुबह 
ताज़गी की सरगम
नहीं जागते हम अब 
भौर की उजास के साथ
 
वीडियो गेम की 
लत में डूबा बचपन 
सुनता है 
मोबाइल में लोरी 

पहला प्यार 
होता है अब 
केमिस्ट्री  लैब में 
और  करहाने लगता है 
फ़िज़िक्स  लैब की 
 सीढ़ियों तक आते आते

मॉल में 
बुनते हैं सब सपने 
घास, पंछी, दूब नदियाँ 
दूर तक नही आती 
ख़्वाब   के किनारों में 

कैमिकल  की नकली बारिशों में 
भीगती प्यार की कोमल भावनाएं 
नक़ली गुलाब की कलियाँ  थामे 
नाचती हैं 
नक़ली पेड़ों के इर्द गिर्द 

भीड़ भरी सड़कों की 
धूल  भरी आपाधापी 
पैदा करती है 
ऐसी  ग़ज़लें 
जिनमे नहीं होती आक्सीजन  

वी ऍफ़ एक्स के 
इफेक्ट्स से पैदा हुए 
चाँद के इर्द गिर्द 
हाले को देख , 
ए. सी. में बैठे
 बच्चे  गुनगुनाते हैं  
चन्दा मामा दूर के 
         -  लोरी 
इमेज : गूगल से साभार