सोमवार, 16 अगस्त 2010

आवारगी




















फिरते हैं कब से दर- ब- दर
अब इस नगर अब उस नगर
जाएं तो अब जाएं किधर
मै और मेरी आवारगी
मै और मेरी आवारगी
यह ब्लॉग और इसकी रचनात्मकता
जावेद अख्तर साहब को नज़र.....जिनके
इस नगमे
ने मुझे ब्लॉग लिखने को प्रेरित किया

2 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत खूब!!
    नई नई रचनात्मकता के लिए नई नई बधाइयां!!!
    (बने रहें....प्रसार भारती के साथ!!!)

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  2. इस टिप्पणी को एक ब्लॉग व्यवस्थापक द्वारा हटा दिया गया है.

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शुक्रिया, साथ बना रहे …।